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Showing posts from January, 2021

सर्दियों में हाथों की त्वचा की चमक को बरकरार रखने के लिए लगाएं दूध और नमक, दिखने लगेगा फर्क

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नई दिल्ली: कड़ाके की ठंड में ज्यादातर त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। ऐसे में त्वचा पर एक परत गंदगी की चढ़ जाती है। प्रदूषण और वातावरण में फैली गंदगी का असर यह होता है कि उन पर सूर्य की किरणें जहां-जहां पड़ती हैं वहां हाथ-पैरों की रंगत बिगड़ जाती है। इतना ही नहीं स्किन पर निर्जीव कोशिकाओं की परत भी चढ़ जाती हैं। इस ठंड के मौसम में शरीर की बेजान त्वचा को साफ-सुथरी और खूबसूरत बनाने के लिए कुछ आसान से उपाय हैं जिन्हें अपना कर आपअपनी खूबसूरती को बरकरार रख सकते हैं। यदि आपके हाथों और पैरों पर भी ठंड की मार पड़ने से कालापन आ गया है तो इससे छुटकारा पाने के लिए दूध और सेंधा नमक का उपयोग कर सकते हैं। कालेपन को दूर करने के लिए 2 चम्मच सेंधा नमक में 2 चम्मच कच्चा दूध मिलालें, जब दोनों मिल कर पेस्ट बन जाए तो इसमें 1 चम्मच शहद भी मिलालें। अब इस पेस्ट को शरीर के उस भाग में मलें जहां धूप से स्किन काली पड़ गई हो। इस पेस्ट का कमाल आपको हैरान कर देगा। हाथों पैरों की स्किन में कालापन दूर हो जाएगा और त्वचा मुलायम होने के साथ चमकदार बन जाएगी। यदि कुछ और आजमाना चाहते हैं, तो 2 चम्मच चन्दन का पाउडर लें उस...

दांतों का रखें ख्याल, इससे जुड़ी हैं कई घातक बीमारियां

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विभिन्न खाद्य पदार्थों (food products) में मिलावट के चलते बड़े पैमाने पर लोगों में दांतों की बीमारियां देखने को मिल रही हैंं। आपको मालूम होना चाहिए कि दांतों की बीमारियों का संबंध शरीर की अन्य बीमारियों से भी होता है? डायबिटीज मधुमेह (Diabetes) के रोगियों में मसूड़ों में सूजन, दांतों का ढीलापन और मुंह से बदबू आना आदि की समस्या पाई जाती है। इन रोगियों में मुंह की लार में पाए जाने वाले कीटाणु (bacteria) अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए उनके मसूड़ों और जबड़े की हड्डी में संक्रमण हो जाता है। ऐसे में दांत कमजोर हो जाते हैं। मधुमेह के रोगियों को अपना ब्लडशुगर लेबल नियंत्रण में रखना चाहिए। उच्च रक्तचाप इन रोगियों में मसूड़ों से खून आना, दुर्गंध और मुख में सूखापन आदि की समस्या पाई जाती है। अत: इन रोगियों को अपने रक्तचाप (blood pressure) को नियंत्रण में रखना चाहिए। हृदय रोग में होने वाले दर्द को आमतौर पर कभी-कभी दांत के दर्द से जोड़कर देख लिया जाता है, क्योंकि यह गर्दन, जबड़े, बांह, पीठ (सीने के पीछे की ओर) एवं दांत में महसूस होता है। यदि इन सभी लक्षणों के अतिरिक्त रोगी को सीने में भारीपन की...