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Showing posts from March, 2019

गर्मी के मौसम में एेसे रखें त्वचा का खयाल

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गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी से त्वचा की नमी प्रभावित होती है। ऐसे में यदि त्वचा का खयाल न रखा जाए तो खुश्की, जलन, त्वचा फटने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। तेल मालिश जरूरी : त्वचा का रूखापन दूर करने के लिए जैतून, नारियल या सरसों तेल से शरीर की मालिश करना फायदेमंद होता है। इसके अलावा मॉइश्चराइजर का भी प्रयोग कर सकते हैं। रात को सोते समय त्वचा पर हल्का मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। खूब पानी पिएं : गर्मी के मौसम में प्यास ज्यादा लगती है कम पानी पीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे त्वचा में रूखापन व फटने जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। इसके लिए दिन में कम से कम 8 गिलास पानी पीना चाहिए। ज्यादा ठंडा पानी न पीएं। बालों की देखभाल : बालों को टूटने व झड़ने से रोकने के लिए पोषण की जरूरत होती है। इसके लिए समय-समय पर सिर की तेल से मसाज करें। पौष्टिक आहार जैसे अंकुरित अनाज, दूध, फल व हरी सब्जियां आदि लें। अच्छे शैम्पू के साथ कंडीशनर का प्रयोग भी करें। सनस्क्रीन लगाएं : गर्मी के मौसम में तेज धूप में बाहर निकलने से पहले त्वचा पर सनस्क्रीन लगाकर निकलें।

डियाे नहीं, सिरके से जाएगी पसीने की बदबू

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अंडरआर्म्स की बदबू गंदगी भी है और शर्मिंदगी भी। इससे व्यक्तित्व प्रभावित होता है। बचाव के लिए लोग डियो या परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं जिनके कई दुष्प्रभाव होते हैं। इस समस्या से छुटकारे का घरेलू उपाय है सेब का सिरका।अाइए जानते हैं इसके बारे में:- सेब का सिरका पीएच स्तर कम करता है और त्वचा के पोर भी खोलता है। त्वचा का पीएच स्तर गिरने से बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया नहीं होते। सेब के सिरके के एस्ट्रीजेंट पसीना कम करते हैं। इसके लिए सिरके को कॉटन में भिगोएं और इसे अंडरआर्म्स पर लगाएं। दिन में दो बार इसका इस्तेमाल करें। सिरके की गंध 15 मिनट में अपने आप दूर हो जाएगी। ऐसा करने से आप दिनभर तरोताजा महसूस करेंगे। बालाें के लिए भी फायदेमंद एक साधारण सा विनेगर और पानी का मिश्रण भी बालों को नरम बनाने और उन्हें मजबूत बनाने में बहुत कारगर है। शैम्पू के बाद एप्पल साइडर विनेगर का उपयोग उनके टेक्सचर को सुधारने के लिए काफी है।

ओटमील से चमकाए त्वचा, झुर्रियां करें दूर

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रोजाना सुबह नाश्‍ते में ओटमील खाने के फायदे ताे आप जानते ही हाेगें। लेकिन क्या आपकाे ये पता है कि आेटमील केवल हमारी सेहत के लिए नहीं त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। यदि आप किसी पार्टी में जाने की तैयारी में हैं आैर चाहते हैं कि पार्टी में आपकी खूबसूरती की तारीफ हाे, ताे आेटमील फेस मास्क त्वचा की खूबसूरती बढ़ाने के लिए एक अच्छा तरीका है।आइए जानते हैं कैसे बनाएं आेटमील फेस मास्क :- - 1/2 कप गर्म पानी में 1/3 कप दलिया डाल दें।5 मिनट बाद इसमें 2 बड़े चम्मच सादा दही, 2 बड़े चम्मच शहद और एक छोटे अंडे के सफेद भाग काे मिलाकर पेस्ट तैयार करलें।फिर अपने चेहरे पर इस पेस्ट की पतली परत लगा लें। आैर 15 से 20 तक सूखने के लिए छाेड़ दें। फिर हल्के गुनगुन पानी से चेहरा धाे लें। इस फेस मास्क काे लगाने से आपकी त्वचा में कसावट आ जाएगी। आैर चेहरा बेदाग हाे कर चमकने लगेगा।

त्वचा की कसावट आैर चमक बढ़ाता है सिरका

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रसाेर्इ में पाया जाने वाला सिरका केवल खाने का जायका ही नहीं बढ़ाता है, बल्कि हमारी त्वचा आैर बालाें की सेहत का भी पूरा ध्यान रखता है। स्किन टोनर के रूप में सिरका का उपयोग पुराने समय से हाेता आया है, और यह आज भी उतना ही प्रभावी है।आप भी सिरके की मदद से अपनी त्वचा काे स्वस्थ्य बना सकते हैं। ताे जानते है कैसे करें इसका प्रयाेग :- - त्वचा में कसावट लाने आैर दाग धब्बे हटाने के लिए अपना चेहरा धोने के बाद, 2 कप पानी एक चम्मच सिरका मिला लें। आैर इससे अपना चेहरा धाे लें। - आप 1/4 कप पानी के साथ 1/4 कप साइडर सिरका मिलाकर फेस मास्क बना सकते हैं।इसे धीरे से अपने चेहरे पर लगाएं आैर सूखने दें। सूखने के बाद ठंडे पानी से अपना चेहरा धाे लें। इससे भी आपकी त्वचा में कसावट आ जाएगी। - बालाें के लिए साइडर सिरका काफी अच्छा कंडीशनर है। इससे आपके बालों को पोषण मिलता है। यह बालों से जुडी अन्य समस्याओं जैसे डैंड्रफ आदि को ठीक करने में भी काफी असरदार हाेता है। पानी और सिरके को बराबर मात्रा में लें और बालों में लगाएं।कुछ समय बाद बाल धाे लें।

केले का फेशियल मास्क लगाएं, मुहासाें से छुटकारा पाएं

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केला केवल हमारी सेहत नहीं बनाता बल्कि इसका इस्तेमाल त्वचा को स्वस्थ व चमकदार बनाने के लिए भी किया जा सकता है। केले में विटामिन सी, ए, पोटैशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस व कार्बोहाइड्रेट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो त्वचा के लिए कई तरह से फायदेमंद होते हैं। आप एक केले को एक ऑल-नेचुरल, होममेड फेस मास्क के रूप में उपयोग कर सकते हैं जो आपकी त्वचा को मॉइस्चराइज करता है ताे आइए जानते हैं केले से तैयार किए जाने वाले फेसमास्क के बारे में जिसका इस्तेमाल आपकी त्वचा में नर्इ जान डाल देगा:- एेसे बनाएं फेस मास्क - एक मध्यम आकार के पके केले मसल कर उसका पेस्ट बना लें, फिर इस पेस्ट काे धीरे से अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं। पेस्ट का 10 से 20 मिनट तक लगा रहने दें, फिर इसे ठंडे पानी से धो लें।इस पेस्ट का प्रयाेग सप्ताह में दाे बार करने से आपकी त्वचा हमेशा खिली-खिली रहेगी। मुँहासाें के लिए - 1/4 कप सादा दही, 2 बड़े चम्मच शहद, और एक केले का पेस्ट बना लें। अाैर इस पेस्ट काे अपने चेहरे पर 10 से 20 मिनट के लिए छाेड़ दें। फिर ठंडे पानी से धाे लें। कुछ दिन इस पेस्ट के इस्तेमाल से आपके चेहरे से मुहासें गायब हाे...

ग्लाे के लिए इस तरह उतारें होली के रंग, खिल उठेगी त्वचा

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होली के दिन रंगों से सराबोर होने के बाद भी त्वचा का ख्याल रखना उतना ही जरूरी है, जितना कि होली खेलने से पहले।आइए जानते हैं हाेली के बाद त्वचा की देखभाल के कुछ खास टिप्स के बारे में :- साबुन और फेस वाश से बचें अपने चेहरे को रसायन से भरी हुई साबुन और फेस वॉश से न धोने की कोशिश करें क्योंकि वे आपके चेहरे पर मौजूद प्राकृतिक तैलीय तत्वों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और आपकी त्वचा रूखि हो सकती है । उन उत्पादों को साफ करने का विकल्प चुनें जो अधिक कार्बनिक और हर्बल हैं क्योंकि वें आपकी त्वचा को नुकसान नहीं पहुँचाते हैं। प्राकृतिक फेस पैक और मास्क चुनें दही और बेसन, चंदन, गुलाब जल, और हल्दी जैसे प्राकृतिक सामग्री का उपयोग फेस पैक बनाने के लिए करें। यह आपकी त्वचा को शांत करेगा और आपकी त्वचा के प्राकृतिक संतुलन को बहाल करेगा। तेल का उपयोग करके रंग निकाले जिद्दी रंग हमारी त्वचा पर एक बुरा दाग छोड़ते हैं। थोड़ी सी रूयी पर जैतून का तेल लेकर धीरे धीरे त्वचा से रंगों को हटाएँ । यह आपकी त्वचा को मॉइस्चराइज करेगा और साथ ही साथ सभी रंगों को प्रभावी रूप से हटाएगा। अपने चेहरे को मॉइस्चराइज करें बिस्त...

प्राकृतिक रंगों के इस्तेमाल से खुश रहेगी त्वचा - शहनाज हुसैन

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रंगों के त्योहार होली में पिचकारियां तो छूटेंगी, गुलाल तो उड़ेंगे, गुबारों के रंगों से सराबोर होने के लिए हम कब से तैयार बैठे हैं, लेकिन इसी दौरान रंग खेलने से ज्यादा रंग छुड़ाने, त्वचा एवं बालों को हुए नुकसान को लेकर चिंतित रहते हैं। इसलिए सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन प्राकृतिक रंगों के इस्तेमाल की पैरवी करती हैं। वह कहती हैं, ''इन दिनों रंगों में माइका, लेड जैसे हानिकारक रासायनिक मिले होते हैं जिससे बाल तथा त्वचा रूखी एवं बेजान हो जाती है। बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं तथा त्वचा में जलन एवं खारिश शुरू हो जाती है। होली में उपयोग किए जाने बाले रंगों से त्वचा में एलर्जी, आंखों में जलन और पेट की अनेक समस्याएं पैदा हो जाती हैं। ऐसे में सबसे पहले आप यह कोशिश करें कि आप ऑर्गेनिक/हर्बल रंगों से ही होली खेलें लेकिन इन रंगों की पहचान भी जरूरी है।" शहनाज ने कहा, ''होली के दौरान बाजारों में इको फ्रेंडली रंगों की भरमार आ जाती है, लेकिन यदि इन रंगों से किसी केमिकल या पेट्रोल की गंध आए या रंग पानी में आसानी से न घुलें तो आप इन्हें कतई न खरीदें, क्योंकि तत्काल पैसा बनाने के चक्क...

होली के हुड़दंग में एेसे रखें अपने शरीर के अंगों का खयाल

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हाेली रंगाें से भरा मस्तीभरा त्याेहार है, हाेली के दिन जिसे देखाे वाे ही तरह-तरह के रंगाें में रंगा नजर आता है। लेकिन हाेली की मस्ती में सराबाेर हाेने के साथ ही हमें अपने शरीर का भी ध्यान रखना चाहिए। ताकि सेहत का रंग फीका ना हाे। आइए जानते हैं हाेली पर कैसें करें अपने अंगाें की देखभाल :- आंखें ज्यादातर रंग एसिडिक होते हैं। आंखों में जाते ही इनसे खुजली या जलन हो सकती है। आंखों में रंग चला जाए तो ठंडे पानी से धोएं। आराम ना मिले पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। नाखून होली बीतने के बाद भी नाखूनों के किनारों पर रंग कई दिनों तक लगे रहते हैं, जो बुरे लगते हैं। नाखूनों को सुरक्षा देने के लिए धुलंडी के दिन नेलपॉलिश की मोटी परत लगाएं। नाखून अगर लंबे हैं, तो अंदर की ओर भी हल्की परत लगा सकते हैं। होंठ होंठों की सुरक्षा के लिए लिपस्टिक जरूर लगाएं। हां, इससे पहले वैसलीन की हल्की परत लगा लें। बाल होली खेलने से पहले बालों में अच्छी तरह से तेल लगा लें और फिर चोटी या जूड़ा बनाकर इन्हें बांध लें ताकि कलर आपके सिर की त्वचा तक ना जा सके। मुंह व नाक अगर आपके मुंह में रंग चला जाए तो पानी पीकर उल्टी...

होली के जश्न में एेसे रखें अपनी त्वचा का खयाल

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होली सबको प्यारी है। सब इसके रंग में सराबोर होना चाहते हैं लेकिन इससे पहले अपनी त्वचा की सुरक्षा से जुड़े उपायों के बारे में जानना बहुत जरूरी है।होली के रंगों का कई बार त्वचा पर खराब असर होता है, खासकर चेहरे की त्वचा पर , जो कि काफी नाजुक होती है। ऐसे में किस तरह से अपनी त्वचा का ध्यान रखते हुए होली के हुड़दंग में शामिल हुआ जा सकता है।आइए जानते हैं रंगाें के इस त्याेहार पर कैंसे रखें अपना त्वचा खयाल :- बर्फ के टुकड़े रगड़ें कुछ बर्फ के टुकड़े लें और उन्हें एक साफ सूती कपड़े में लपेटें। 10 से 15 मिनट के लिए उन्हें अपने चेहरे पर रगड़ें। यह सुनिश्चित करेगा कि आपके चेहरे पर जो छिद्र हैं वो बंद हैं और उन सभी से आपकी त्वचा में रासायनिक रंगों का प्रवेश नहीं होगा। अपनी त्वचा और बालों पर तेल लगाएं ऑइलिंग केवल आपके बालों तक सीमित नहीं होना चाहिए। आपकी त्वचा को रसायनों से भी बचाना होगा। सुनिश्चित करें कि आप अपनी पसंद के तेल के साथ अपने बालों को पूरी तरह से तेल लगाते हैं। आपकी त्वचा के लिए, 1 बड़ा चम्मच अरंडी का तेल, नारियल तेल और बादाम के तेल में मिला सकते हैं। अपनी त्वचा पर तेल के इस मिश्रण क...

इन प्राकृतिक चीजों से एेसे तैयार करें 'हर्बल रंग'

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होली के लिए आप प्राकृतिक चीजों से हर्बल रंग तैयार कर सकते हैं ताकि कैमिकल रंग त्योहार के मजे को खराब न करें। पलाश और गुड़हल से लाल रंग, अमलतास से पीला और हरसिंगार से केसरिया रंग बनता है। इन फूलों को रातभर पानी में भिगोने के बाद पीस लें, फिर पानी में मिलाकर आवश्यकतानुसार रंग तैयार करें। रंग ज्यादा गहरा चाहिए तो इसमें फिटकरी का पाउडर मिला सकते हैं। इन पौधों की पत्तियों को पीसकर हरा रंग भी बना सकते हैं। चुकंदर को कद्दूकस कर एक बाल्टी पानी में डाल दें, आपको गुलाबी रंग वाला पानी तैयार मिलेगा। गीले रंग बनाएं ऐसे - गेंदे के फूलों को एक बाल्टी भर पानी में डाल दें। सुबह होने पर पीले रंग का पानी तैयार हो जाएगा। पीले रंग का पानी बनाने के लिए हल्दी का आवश्यकतानुसार प्रयोग भी किया जा सकता है। काला रंग बनाने के लिए आंवलों को लोहे की कढ़ाई में भिगो दें या इसके रस को उबाल लें। होली खेलें लेकिन सावधानी के साथ- होली की ऊर्जा बरकरार रहे इसके लिए जरूरी है कि आप होली खेलते समय अपनी और दूसरों की सेहत का भी ध्यान रखें। कहीं ऐसा न हो कि आपकी मस्ती-मजाक दूसरे की सेहत पर भारी पड़ जाए। जानते हैं कुछ सावधानि...

'अर्थिंग फॉर्मूला' से तन-मन रहेगा तंदरुस्त, जानें इसके बारे में

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सुबह हरी घास में नंगे पैर टहलने से आंखों को फायदे की बात तो सुनी है, लेकिन जमीन पर नंगे पांव चलने के भी कई फायदे हैं। कई शोधों से स्पष्ट हुआ है कि जमीन पर नंगे पैर चलने से शरीर की कई क्रियाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञों ने इसे अर्थिंग सिद्धांत का नाम दिया है। अर्थिंग सिद्धांत - विशेषज्ञों के अनुसार यह सिद्धांत वैसे ही काम करता है, जैसे टेलीविजन केबल कंपनियां इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स को स्थिर रखने के लिए जमीन की 'अर्थिंग' का प्रयोग करती हैं। हमारे शरीर की प्रकृति 'बायो-इलेक्ट्रिकल' है। यानी हमारे शरीर की सभी कोशिकाएं व तंत्रिका तंत्र एक प्रकार से भीतरी विद्युत शक्ति या ऊर्जा के स्पंदन से संचालित होते हैं। धरती अपने आप में ऊर्जा का भंडार है। वैज्ञानिकों के मुताबिक धरती का ऊर्जा चक्र शरीर के विद्युत तंत्र पर भी अनुकूल-प्रतिकूल प्रभाव डालता है। विटामिन-एन है नाम - शोधकर्ताओं ने प्रकृति के जुड़ाव से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को विटामिन 'एन' नाम दिया है। लंदन की वेस्टर्न यूनिवर्सिटी में हैल्थ लेक्चरर गिलियन मेंडिच के अनुसार शहरों की तुलना में प्रकृति के सं...

ऑयल पुलिंग से सेहतमंद रहेंगे आपके दांत

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मुंह में तेल भरकर कुल्ला करना ऑयल पुलिंग कहलाता है। यह वर्षों पुरानी आयुर्वेदिक थैरेपी है। इसका प्रयोग सामान्य रूप से कोई भी व्यक्ति कर सकता है। इसे 5-15 मिनट तक किया जा सकता है। इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। विशेषज्ञों का मानना है कि दांतों व मसूड़ों की सेहत के लिए यह थैरेपी बेहतर विकल्प है। फायदा : मुंह में छाले, बार-बार गला सूखना व लार कम बनने की समस्या में यह थैरेपी लाभकारी है। इसके अलावा इससे झांइयां व आंखों के नीचे काले घेरे की समस्या दूर होती है और चेहरे की चमक बढ़ती है। ये तेल उपयोगी : इसके लिए सामान्यत: नारियल के तेल का प्रयोग किया जाता है। सरसों व तिल के तेल को भी प्रयोग में ले सकते हैं। ध्यान रहे कि तिल के तेल का प्रयोग गर्मियों में न करें क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है। इससे शरीर में गर्मी बढ़ने से कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। ध्यान रहे : इसे सुबह के समय खाली पेट करना अच्छा होता है।

रखेंगे इन बाताें का ध्यान ताे त्वचा रहेगी खूबसूरत आैर जवान

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अनियमित दिनचर्या, गड़बड़ खानपान आैर उचित देखभाल के कारण कर्इ बार हमारी त्वचा बेजान हाे जाती है। जिसकी वजह से हम उम्र से पहले ही उम्रदराज दिखने लगते हैं। अगर हम चाहे ताे इस पर काबू पा सकते हैं। इसके लिए हमें डेली रूटीन में कुछ खास बाताें का ध्यान रखना हाेगा।आइए जानते क्या हैं वाे बातें जिनका ध्यान रखकर हम अपनी त्वचा की खूबसूरती काे बरकरार रख सकते है:- - तय करें कि आप हमेशा साेने से पहले अपना मेकअप को हटा दें। हमारी त्वचा को रात भर सांस लेने की जरूरत हाेती है इसलिए जरूरी है कि त्वचा के राेमछिद्र खुले रहें। अगर आप रात काे मेकअप नहीं हटाएंगे ताे रोम छिद्र बंद रहेंगे जिससे ब्लैकहेड्स हो सकते हैं। मेकअप हटाने के लिए आपकाे रिमूवर की जरूरत नहीं हैं। बस एक कपास पैड पर जैतून के तेल की कुछ बूंद डालें और अपने चेहरे पर धीरे से तेल की मालिश करें। इससे चेहरे का मेकअप और गंदगी उतर जाएगी। - सप्ताह में कम से कम एक या दो बार, अपनी त्वचा को मृत त्वचा की परतों को हटाने के लिए एक्सफोलिएट करें। इससे आपकी त्वचा बेदाग आैर चमकदार बनी रहेगी। त्वचा को एक्सफोलिएट करने के लिए दही के साथ अखरोट पाउडर का पेस्ट लगा ...

रूखे बालाें में नर्इ जान डाल देगा सरसाें व दही का ये हेयर मास्क

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काले, घने, सिल्की बालाें की चाहत किसे नहीं हाेती। लेकिन अनुचित देखभाल, बदलते माैसम आैर प्रदूषण के कारण हमारे बाल समय से पहले ही रूखे आैर बेजान हाे जाते हैं। बालाें काे खूबसूरत बनाए रखने के लिए उचिक देखभाल आैर पाेषण की जरूरत हाेती है। अगर आप भी रूखे आैर बेजान बालाें से परेशान हैं ताे आज हम आपकाे बताने जा रहे हैं सरसाें के तेल से तैयार हाेने वाले घरेलू हेयर मास्क के बारे में जो आपके सूखे बालों के लिए चमत्कार कर सकता है। आइए जानते हैं कैसे तैयार करें ये हेयर मास्क :- सामग्री :- सरसों का तेल व दही एेसे बनाएं :- एक कटाेरी में सरसों का तेल और दही अच्छी तरह से मिला लें। इस मिश्रण को अपने स्कैल्प पर लगाएं। फिर एक ताैलिया लेकर गर्म पानी में भिगो दें। एक ताैलिया भीग जाए ताे उसे बाहर निकाल लें आैर हल्का सा निचाेड़ लें। इसके बाद इस गरम ताैलियाें काे अपने सिर पर बांध लें। 30 से 40 मिनट तक लगे रहने दें। बाद में माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें। इस हेयर मास्क से जल्द ही आपकाे रूखे आैर बेजान बालाें की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

एलोवेरा से संवारे अपनी खूबसूरती

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आयुर्वेद में एलोवेरा काे कर्इ आैषधिय गुणाें से भरपूर पाैधा बताया गया है। जाे हमारे शरीर काे अंदर आैर बाहर दाेनाें तरह से साफ करने में कारगर है। पुराने समय से ही ऐलाेविरा का उपयाेग त्वचा की रंगत निखारने के लिए किया जाता रहा है। आज भी कर्इ ब्यूटी प्राेडक्टस में एेलाेविरा का उपयाेग किया जाता है।आइए जानते ऐलाेविरा से कैसें करता है आपकी त्वचा की देखभाल :- - यदि आप सनबर्न का शिकार हाे गए है अाैर तुंरत इससे राहत चाहते हैं ताे एलोवेरा का उपयाेग कर सकते हैं।एेलाेविरा में पार्इ जाने वाली ठंडक जल्द ही आपकाे सनबर्न से राहत देगी। - एलोवेरा का नियमित इस्तेमाल आपकी त्वचा काे एग्जिमा और मुँहासे से दूर रखता है। - एलोवेरा का उपयाेग त्वचा पर खिंचाव के निशान से छुटकारा पाने में प्रभावी है। यह उस सेल में वृद्धि करता है जाे जो खिंचाव के निशान को कम करने में मदद करता है। शुद्ध एलोवेरा जेल से प्रभावित त्वचा पर रोजाना मालिश करें। - एलोवेरा के पौधे में मैलिक एसिड होता है जो आपकी त्वचा की नमी में सुधार करके झुर्रियों को कम करने में मदद करता है और आपकी त्वचा को हाइड्रेट रखता है। - एलोवेरा में त्वचा की नमी ब...

ये 6 तरीके आजमाएं आैर खूबसूरत मुलायम होंठ पाएं

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खूबसूरत आैर मुलायम हाेंठ किसी की भी खूबसूरती में चारचांद लगाते हैं। वहीं काले, सूखे या जकड़े हुए होंठ आपकी खूबसूरती बिगाड़ सकते हैं।इसलिए जरूरी है कि हाेठाें की सही तरीके से देखभाल की जाए। आज हम आपकाे बताते हैं हाेठाें की खूबसूरती बनाए रखने वाले घरेलू उपायाें के बारे में। ताे आइए जानते है कैसे बढ़ाएं हाेंठाें की खूबसूरती :- घरेलू लिप स्क्रब - 50 ग्राम शहद, 4 चम्मच चीनी, 5 मिली लीटर गुलाब जल, 5 मिली वनीला एसेंस लें और एक एयर-टाइट कंटेनर में स्टोर करें।इन्हें अच्छी तरह से मिलाएं और लगभग आधा चम्मच लें और लिप स्क्रब के रूप में उपयोग करें।शहद प्रकृति के सबसे शक्तिशाली मॉइस्चराइजर्स में से एक है। चीनी त्वचा को एक्सफोलिएट और मुलायम बनाने में मदद करेगी और गुलाब जल आपके होंठों को कोमल और टोंड रखने में मदद करेगा। साथ में यह अद्भुत संयोजन आपके होंठों को चिकना, साफ और मुलायम करेगा। चॉप्ड लिप्स के लिए कई लोग फटे होंठ और छीलने वाली त्वचा से पीड़ित होते हैं । इसके लिए सबसे अच्छा उपाय यह है कि रात में 3-4 दिनों तक होंठों पर मक्खन की मालिश करें। बहुत गर्म पेय पीने से बचें। डार्क लिप्स के लिए तीन ...

घर को एेसे बनाएं स्किन फ्रैंडली, जानें ये खास टिप्स

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अगर आपकी स्किन पर बार-बार एलर्जी हो जाती है या रैशेज, खुजली आदि की समस्या होती है तो समझ लें कि आपका घर स्किन-फै्रंडली नहीं है। ऐसे में आपको घर के सभी हिस्सों पर खास ध्यान देना चाहिए - किचन - क्लीनिंग सोल्यूशंस त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ब्लीच सबसे नुकसानदायक है। इनके बदले पानी में मिलाकर बेकिंग सोडा या सिरके का इस्तेमाल करें। साफ-सफाई करते हुए खिड़कियां खुली रखें। बच्चों का कमरा - बच्चों के सॉफ्ट टॉय गर्म पानी से समय-समय पर धोते रहें। बाथरूम - यहां हवा की आवाजाही की सही व्यवस्था रखें और तौलिया वगैरह धूप में सुखाएं। त्वचा संबंधी समस्या हो तो विशेषज्ञ की सलाह से ही बॉडी वॉश और शैंपू का प्रयोग करें। चादर और तकिए के कवर को नियमित धोएं। पानी में निचोड़े गए कपड़े से फर्नीचर और टीवी को पोंछें। कालीन छोटे-छोटे जीवों का अड्डा बन सकता है इसे हाई सक्शन वैक्यूम क्लीनर से साफ करें। चर्मरोगों से परेशान लोगों को पालतू जानवर नहीं पालने चाहिए। इनके बालों में छिपे डस्ट माइट्स एग्जिमा को बढ़ा देते हैं। फिर भी अगर पालतू जानवर रखते हैं तो उन्हें अपने बेडरूम से दूर रखें।

दूध, बेसन व हल्दी से चमकाएं त्वचा, जानें ये खास नुस्खे

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हल्दी में करक्यूमिन नाम का यौगिक होता है जो त्वचा के दाग-धब्बों को कम करके उसके ऊपर एक सुरक्षा कवच बनाने का काम करता है। हल्दी को दूध में मिलाकार लगाने से चहरे की रंगत में निखार आता है। दूध त्वचा की रंगत निखारता है। बेसन मृत कोशिकाओं को निकालकर त्वचा में निखार लाता है। दूध और बेसन को मिलकार चेहरे पर लगाएं। एक कटोरी में कच्चा दूध लेकर उसमें एक बड़ी चम्मच हल्दी और बेसन इन तीनों चीजों को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस मिश्रण को अपनी आंख के नीचे व ऊपर के भाग को छोड़कर पूरे चेहरे पर लगाएं। बाकी बचे पैक को आप अपने कोहनी, घुटनों या गर्दन पर भी लगा सकते हैं। सूखने के बाद गुनगुने गर्म पानी से धो लें। इस पैक का इस्तेमाल 15 दिन या हफ्ते में एक बार करें। ध्यान रखें कि टैनिंग से बचने के लिए घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना न भूलें।

चेहरे की झुर्रियां हटाए, त्वचा में कसावट लाए आलू

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सब्जी के ताैर पर खाया जाने वाला आलू केवल खाने के लिए नहीं बल्कि त्वचा की रंगत निखारने में भी बहुत उपयाेगी है। आलू में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा को पोषित करने का काम करते हैं।आलू में मौजूद विटामिन सी, प्रोटीन, जिंक और कॉपर त्वचा को पोषण देने का काम करते हैं। ये सभी तत्व बढ़ती उम्र के लक्षणों को दूर करने में मददगार होते हैं। अाइए जानते हैं आलू से कैसे निखारे त्वचा:- - झुर्रियों पर कच्चे आलू को पीसकर लगाने से फायदा होता है। - आलू पीसकर त्वचा पर लगाने से सौंदर्य में निखार आता है। इसमें माैजूद स्टार्च से त्वचा में कसावट आती है। - त्वचा की एलर्जी या अन्य त्वचा संबंधी रोग होने पर आलू का प्रयोग करना चाहिए। कच्चे आलू का रस लगाने से भी त्वचा संबंधी रोगों में फायदा होता है। - ऑयली त्वचा के लिए आलू के रस और टमाटर के रस को समान मात्रा में मिला लें। इस घोल को रूई की मदद से चेहरे और गले पर लगाएं। इस मास्क के इस्तेमाल से त्वचा की रंगत तो निखरेगी ही साथ ही ऑयली स्किन की समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाएगा। अन्य फायदे - चोट लगने पर आलू का प्रयोग करना चाहिए। चोट लगने के बाद कई बार त्वचा न...

चेहरे की झुर्रियां दूर करने के लिए इन चीजों का करें सेवन

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अगर आप अपनी डाइट में विटामिन का सही संतुलन रखेंगे तो चेहरे से झुर्रियां जल्द गायब हो जाएंगी और फ्री रेडिकल्स (प्रदूषण, धूम्रपान आदि के कारण शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले रसायन) की समस्या दूर होगी। कुछ चीजों का सेवन करके चेहरे को सुंदर बना सकते हैं। विटामिन-सी: संतरा, नींबू, बेर, मौसमी, अनानास जैसे खट्टे फल विटामिन-सी से भरपूर होते हैं। रोज आधा कप विटामिन-सी से भरपूर फल खाएं। विटामिन-ई : यह एक अच्छा एंटी ऑक्सीडेंट है जो नेचुरल मॉइश्चराइजर का काम करता है व इसके लिए भीगे बादाम, पालक आदि खा सकते हैं। विटामिन-ए : इससे त्वचा में रक्त का संचार बना रहता है और मृत कोशिकाएं नहीं जमतीं जिससे चेहरा चमकदार दिखता है। विटामिन-ए ज्यादातर पालक, ब्रोकली, शकरकंद और गाजर में होता है। पानी: खूब पानी पिएं इससे शरीर से विषैले पदार्थ दूर होंगे और चेहरे का रंग निखरेगा। अमीनो एसिड : यह तत्व कटी फटी कोशिकाओं की मरम्मत करता है। इसके लिए तरबूज आदि खा सकते हैं।

इस चीज से दूर होगा तनाव व चेहरे की झुर्रियां

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मिठाई आदि में इस्तेमाल होने वाला पिस्ता एक स्वादिष्ट मेवा भी है। इसका सबसे ज्यादा उत्पादन अमरीका में होता है। जानते हैं इसके महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के बारे में। पोटेशियम : पिस्ते में पोटेशियम पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कार्टिसोल के स्तर को कम करता है। कैलोरी : एक पिस्ते में कैलोरी की मात्रा सिर्फ 3-4 होती है जिससे वजन बढ़नें की आशंका नहीं रहती। लेकिन इसे भूनकर या नमक लगाकर न खाएं। कोलेस्ट्रॉल : पिस्ता शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है जिससे दिल के रोगों का खतरा कम हो जाता है। कैंसर : इसमें मौजूद कैरेटोनॉएड्स, बीटा-कैरोटीन और ल्यूटेन जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व कैंसर से रक्षा करते हैं। झुर्रियां : पिस्ते में अधिक मात्रा में एंटी-एजिंग तत्व पाए जाते हैं जो चेहरे की झुर्रियों को दूर करने में सहायता करते हैं। इसे खाने से याददाश्त भी तेज होती है। डाइटीशियन की सलाह से रोजाना पिस्ते के पांच से छह दाने खाए जा सकते हैं।

इस चीज से दूर होगा तनाव व चेहरे की झुर्रियां

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मिठाई आदि में इस्तेमाल होने वाला पिस्ता एक स्वादिष्ट मेवा भी है। इसका सबसे ज्यादा उत्पादन अमरीका में होता है। जानते हैं इसके महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के बारे में। पोटेशियम : पिस्ते में पोटेशियम पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कार्टिसोल के स्तर को कम करता है। कैलोरी : एक पिस्ते में कैलोरी की मात्रा सिर्फ 3-4 होती है जिससे वजन बढ़नें की आशंका नहीं रहती। लेकिन इसे भूनकर या नमक लगाकर न खाएं। कोलेस्ट्रॉल : पिस्ता शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है जिससे दिल के रोगों का खतरा कम हो जाता है। कैंसर : इसमें मौजूद कैरेटोनॉएड्स, बीटा-कैरोटीन और ल्यूटेन जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व कैंसर से रक्षा करते हैं। झुर्रियां : पिस्ते में अधिक मात्रा में एंटी-एजिंग तत्व पाए जाते हैं जो चेहरे की झुर्रियों को दूर करने में सहायता करते हैं। इसे खाने से याददाश्त भी तेज होती है। डाइटीशियन की सलाह से रोजाना पिस्ते के पांच से छह दाने खाए जा सकते हैं।

इन तरीकों से त्वचा व बाल बनाएं स्वस्थ

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नहाते वक्त साबुन के स्थान पर बेसन, हल्दी, सरसों का तेल, नींबू का रस व दूध को मिलाकर उबटन लगाने से शरीर की चमक बढ़ती है। दही व चिकनी मिट्टी को मिलाकर सिर में शेंपू की तरह प्रयोग करने से बाल घने होंगे। सर्दियों में सरसों का तेल व गर्मियों में नारियल के तेल में कुछ बूंदें नींबू के रस की मिलाकर सिर की मालिश करने से बाल मजबूत होते हैं। इसी तेल को से पैरों के तलवे पर मालिश करने से जोड़ों में दर्द की समस्या दूर होगी। इन बातों का रखें खयाल - तेज भूख लगने पर ही भोजन करें। खाने को अच्छी तरह चबाएं। भोजन करते समय सारा ध्यान खाने पर केंद्रित करें। न बात करें और न ही टीवी देखें। खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं। कोल्ड ड्रिंक आदि की बजाय दूध, लस्सी, छाछ, गन्ने का रस व फलों के जूस आदि का प्रयोग करें। पान, तंबाकू, धूम्रपान, गुटखे व शराब आदि का सेवन न करें । चाय के बदले नींबू पानी या तांबे के बर्तन में रखे पानी का प्रयोग करें। तांबे के बर्तन में पानी भरकर इसे लकड़ी के पटरे पर रातभर रखें। सुबह होने पर इस पानी को उकड़ू बैठकर पिएं।

हमेशा बने रहेंगे जवान, जान लें ये खास टिप्स

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हम यह जानते हैं कि साठ साल के बाद पाचन क्षमता घट जाती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होने लगती हैं। चेहरे पर झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं सताने लग जाती हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी लाइफस्टाइल को फिट बनाएं ताकि बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ रहा जा सके। धूम्रपान न करें - स्मोकिंग व तम्बाकू से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी कई बुराइयों को हम जानते हैं। स्मोकिंग की वजह से त्वचा को रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है और उम्र बढ़ने से पहले ही यह लटकने लग जाती है। धूम्रपान के दौरान धुंआ आंखों और मुंह में लौटता है। यह आंखों के आसपास की त्वचा को भी क्षति पहुंचाता है। स्वास्थ्य का आधार 'नींद' जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो शरीर ज्यादा कार्टिसोल हार्मोंस का निर्माण करता है। यह त्वचा की कोशिकाओं को तोडऩे वाला हार्मोन है। पर्याप्त नींद लेने से ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन बनता है जो त्वचा को मोटा व लचीला बनाए रखता है। इससे चेहरे पर झुर्रियों की समस्या भी नहीं सताती। बेहतर होगा कि सोने व जागने की नियमित समयावधि बना लें। सोने के समय चाय-कॉफी न लें। सोते समय यदि खर्राटे ...

जान लीजिए हाई हील के खतरों के बारे में

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क्या ऊंची एड़ी के सैंडिल पहनकर भागदौड़ की जा सकती है? विभिन्न अध्ययनों के हवाले से स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते आए हैं कि लगातार हील्स पहनने से हमारे टखने की ताकत और पैरों का संतुलन प्रभावित होता है। जानते हैं लंबे समय तक ऊंची एड़ी के सैंडिल आदि पहनने से शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में। पोश्चर में गड़बड़ी - हाई हील से आपकी कमर, कूल्हे, कंधे और रीढ़ का पूरा भार पंजों पर आ जाता है। इससे शरीर का पोश्चर बिगड़ जाता है। यही स्थिति लंबे समय तक रहे तो कमर और पैरों में गंभीर दर्द हो सकता है। ऐसे पड़ता है दबाव - जितनी ज्यादा हील होती है, पैरों के आगे के हिस्से पर उतना ही ज्यादा भार पड़ता है। इससे थकान और दर्द जैसी कई समस्याएं बढऩे लगती हैं। बच्चों को न पहनने दें - छोटे बच्चों के पैर 12 वर्ष की उम्र तक ही मजबूत हो पाते हैं। इससे कम उम्र में हाई हील्स पहनने से विकास रुक सकता है। हड्डियों में दर्द व टेढ़ापन भी आ सकता है। टखने की चोट - बुजुर्ग या अधिक वजन वाली महिलाओं में संतुलन गड़बड़ा कर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में टखने में चोट या मोच भी आ सकती है। अंगुलियों पर जोर - जब आपका पूर...